employees-pensioners: त्रिपुरा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही, त्रिपुरा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता वर्तमान के 30 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो जाएगा। यह बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा, जिसका मतलब है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को मई महीने से अपने खाते में बढ़ी हुई राशि मिलना शुरू हो जाएगी।
लाभार्थियों की संख्या और वित्तीय प्रभाव
इस महत्वपूर्ण निर्णय से त्रिपुरा के लगभग 1.6 लाख सरकारी कर्मचारी और 82,000 पेंशनभोगी सीधे लाभान्वित होंगे। महंगाई भत्ते में यह वृद्धि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के जीवन स्तर में सुधार लाने और बढ़ती महंगाई के बोझ को कम करने में मदद करेगी। हालांकि, इस फैसले का राज्य सरकार के खजाने पर भी असर पड़ेगा। माणिक साहा सरकार को इस बढ़ोतरी के कारण सालाना 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करना पड़ेगा। यह राशि राज्य के विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावित किए बिना कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए खर्च की जाएगी।
केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच अंतर
वर्तमान स्थिति में, केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को 53 प्रतिशत का महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि त्रिपुरा के कर्मचारियों को अप्रैल 2025 से 33 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इस प्रकार, केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में अभी भी 20 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस अंतर के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार राज्य और केंद्र के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते के अंतर को धीरे-धीरे कम करना चाहती है। यह कदम राज्य के कर्मचारियों में समानता और संतुष्टि की भावना पैदा करने में मदद करेगा।
पिछले वर्ष की बढ़ोतरी का विवरण
यह पहली बार नहीं है जब त्रिपुरा सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की है। पिछले वर्ष नवंबर में, दिवाली के आसपास, राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। उस समय, महंगाई भत्ता 25 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया था। इस पिछली बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा था। इस प्रकार, एक वर्ष के भीतर महंगाई भत्ते में कुल 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो राज्य सरकार की कर्मचारी-हितैषी नीतियों को दर्शाती है।
बढ़ोतरी का आर्थिक महत्व
महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि का कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के समय में, यह अतिरिक्त राशि उनके दैनिक खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से उसे प्रति माह 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह राशि वार्षिक रूप से लगभग 10,800 रुपये होगी, जो एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी तरह, पेंशनरों को भी इस वृद्धि से राहत मिलेगी, खासकर जब चिकित्सा खर्च और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं
त्रिपुरा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने इस बढ़ोतरी का स्वागत किया है। कई कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले के लिए राज्य सरकार की सराहना की है, हालांकि कुछ ने केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच मौजूद अंतर को लेकर चिंता भी व्यक्त की है। माणिक साहा सरकार ने संकेत दिया है कि वह आने वाले वर्षों में इस अंतर को और कम करने के लिए प्रयास करेगी। राज्य सरकार की योजना है कि धीरे-धीरे त्रिपुरा के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को केंद्रीय कर्मचारियों के स्तर के करीब लाया जाए, ताकि राज्य के कर्मचारियों को समान लाभ मिल सके।
त्रिपुरा सरकार का महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्णय राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा, बल्कि उनके मनोबल को भी बढ़ाएगा। अप्रैल 2025 से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी राज्य के 2.42 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित करेगी। माणिक साहा सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम उसके कर्मचारी-हितैषी दृष्टिकोण को दर्शाता है और भविष्य में इस दिशा में और भी सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद जगाता है।